अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में वाम दलों ने निकाला प्रतिवाद मार्च

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने के विरोध में सभी वाम दलों और संगठनों ने बुधवार की शाम राजधानी समेत सभी जिला मुख्यालयों में प्रतिवाद मार्च निकाला।

राजधानी में जीपीओ से बुद्धा स्मृति पार्क तक निकाले गए मार्च में केंद्र सरकार के खिफाफ जमकर नारेजबाजी हुई। माकपा के अवधेश कुमार, रामपरी, मनोज चंद्रवंशी, माले की सरोज चौबे, मीना तिवारी, भाकपा के रामलला आदि नेताओं ने सरकार से कश्मीर में गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने, वहां से सेना की वापसी आदि की मांग की।

बाद में आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि देश व लोकतंत्र बचाने के लिए व्यापक जनअभियान चलाया जाएगा।। कहा कि देश की बहुलता, विविधता और संघीय लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। मोदी सरकार आरएसएस के एजेंडे को लागू कर रही है। उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35ए की पुनर्बहाली की मांग की।

भाकपा माले, माकपा, भाकपा के संयुक्त आह्वान पर राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत वामदलों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को शहर में विरोध मार्च निकला। अंबेडकर पार्क से जुलूस की शक्ल में निकले कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। कश्मीर में धारा 370 व 35 ए को बहाल करो, कश्मीर मे सभी विपक्षी नेताओं को रिहा करो, संविधान से खिलवाड़ करना बंद करो आदि नारे बुलंद करते हुए केंद्र सरकार का विरोध जताया। मार्च का नेतृत्व भाकपा माले के जिला सचिव नरेन्द्र प्रसाद सिंह, अजीत कुमार मेहता, सुदामा देवी, भोला राम, माकपा के जिला सचिव नरेशचन्द्र शर्मा, उमेश प्रसाद, रामयतन सिंह और भाकपा के अर्जुन सिंह व ललन सिंह संयुक्त रुप से कर रहे थे।

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प्रजातंत्र चौक पर सभा को संबोधित करते हुए वाम नेताओं ने कहा कि पीएम व गृह मंत्री ने देश के संविधान व कश्मीर पर हमला कर देश तोड़ने वाली मंशा को जाहिर किया है। छद्म राष्ट्रवाद दिखाकर कश्मीर में युद्ध की स्थिति बना दी गई है। केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसा काम की है। देश की जनता इसे बखूबी समझती है। मार्च में माले नेता दिलीप कुमार, मंटू कुमार, इनौस के अनुज प्रसाद, लटन दास, माकपा के मुकलेश कुमार, भाकपा के राजेन्द्र प्रसाद कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

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