अच्छा होगा नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिये कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने- गुलाम नबी आजाद

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में न तो बीजेपी और न ही एनडीए की सरकार बनेगी. उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद नरेन्द्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे बल्कि केंद्र में गैर एनडीए और गैर बीजेपी सरकार बनेगी.

आजाद ने कहा, ‘‘चुनाव अब आखिरी चरण में हैं और देश भर में चुनाव प्रचार के अपने अनभुव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि केंद्र में फिर से न तो बीजेपी और न ही एनडीए की सरकार बनेगी.’’ पटना में पत्रकारों से उन्होंने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं… लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में गैर एनडीए-गैर बीजेपी सरकार बनेगी.’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि अच्छा होगा अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिये कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने लेकिन ‘‘हम इसे कोई मुद्दा नहीं बनाने जा रहे कि अगर हमें (कांग्रेस को) प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पेशकश नहीं की गयी तो हम (कांग्रेस) किसी और (नेता) को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे.’’

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राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र ध्येय केंद्र में एनडीए को सरकार बनाने से रोकना है और गैर-राजग सरकार बनाना है. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 125 सीटों तक सिमट जायेगी हालांकि चुनाव में कांग्रेस कितनी सीटें जीतेगी इस बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार किया.

आजाद ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद बीजेपी पूरी तरह बेनकाब हो गयी है क्योंकि उसने समाज में नफरत फैलाने और बांटने की अपनी विचारधारा का अनुसरण किया है. उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों और उद्योपतियों की पार्टी के तौर पर बीजेपी सरकार की नीति और सिद्धांत का खुलासा हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ‘अमीर-समर्थक’ नीति का पालन किया है.

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि समाज के सभी प्रमुख वर्ग किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर आज केंद्र सरकार की गलत नीति के चलते निराश हैं. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने युवाओं को पांच साल में 10 करोड़ नौकरी का वादा किया गया था लेकिन इसके बजाय नोटबंदी और जीएसटी को गलत तरीके से लागू किये जाने के कारण 4.73 करोड़ नौकरियां छिन गयीं.

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विज्ञान संबंधी मुद्दों पर प्रधानमंत्री के बयान को लेकर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘विज्ञान के संबंध में प्रधानमंत्री के बयान को देखने के बाद मैं समझता हूं कि मुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए.’’उन्होंने कोलकाता में मंगलवार को अमित शाह के रोड शो के दौरान बीजेपी और तृणमूल समर्थकों के बीच झड़प में जाने-माने दार्शनिक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़े जाने की निंदा की और कहा कि इसके लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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