अखबार हॉकर की गोली मारकर हत्या

0
113

आरा/शाहपुर। करनामेपुर ओपी के प्रसौण्डा गोरैया स्थान के समीप बुधवार की सुबह बाइक पर सवार हथियारबंद अपराधियों ने अखबार हॉकर की गोली मारकर हत्या कर दी। दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक करनामेपुर ओपी क्षेत्र के रामदतही गांव निवासी योगेंद्र प्रसाद था। वह अपने चचेरे भाई राजेंद्र प्रसाद की हत्या के मामले में गवाह था। हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर उपद्रव किया। गुस्साई भीड़ ने करनामेपुर ओपी पर हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस की दो गाड़ियों सहित पांच वाहनों को जला दिया गया। उग्र लोगों ने करनामेपुर ओपी पर जमकर पथराव किया। भीड़ ने थाने में घुसकर तोड़फोड़ की और कुर्सी-टेबल व कागजात को फेंककर तहस-नहस कर दिया। पथराव में जहां ओपी इंचार्ज धनंजय सिंह सहित दर्जन भर पुलिसकर्मी चोटिल हो गए, वहीं कई चारपहिया वाहनों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को कई राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। बाद में डीएम संजीव कुमार, पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार व शाहपुर के विधायक मंटू तिवारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई। हमले में घायल ओपी इंचार्ज सहित सभी पुलिसकर्मियों का इलाज शाहपुर तथा आरा सदर अस्पताल में कराया गया। बताया गया कि योगेंद्र प्रसाद रोज की तरह बुधवार की सुबह सात बजे करनामेपुर बाजार स्थित अपनी दुकान पर अखबार बेचने जा रहा था। रास्ते में करनामेपुर बस स्टैंड से कुछ दूर आगे प्रसौण्डा-गोरैया स्थान के समीप घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने योगेंद्र को करीब से गोली मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मौके पर एएसपी दयाशंकर व आरा के एसडीपीओ संजय कुमार सहित दर्जन भर थानों की पुलिस कैम्प कर रही है। एसपी ने बताया कि स्थिति नियंतण्रमें है। हत्या में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। शाम में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया। चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। इस दौरान मृतक के कंधे के पास गोली का एक बुलेट बरामद हुआ।

यह भी पढ़े  भाजपा अगला चुनाव भी राजग के घटक दलों के साथ लड़ेगी : नित्यानंद राय

पेपर हॉकर की हत्या के बुधवार को तकरीबन नौ बजे तक उपद्रव चलता रहा। इस दौरान खोज-खोजकर पुलिस को निशाना बनाया जा रहा था। लोग घटनास्थल से करनामेपुर ओपी तक घूम-घूमकर रोड़े बरसा रहे थे। इस दौरान पुलिस के वाहनों को आग के हवाले भी किया जा रहा था। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिसकर्मी थाने में दुबके रहे। कुर्सी व टेबल के नीचे छुपकर पुलिस कर्मियों को अपनी जान बचानी पड़ी। मौके पर पहुंचे एसडीओ व एएसपी भी लोगों को समझाने में विफल हो रहे थे। भीड़ थाने की ओर भी बढ़ती जा रही थी। इस बीच उपद्रवी थाने में भी घुस गये और तोड़फोड़ षुरू कर दी गयी। जब स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गयी और थाने को बचाना मुष्किल हो गया, तब पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। बाद में डीएम संजीव कुमार व एसपी अवकाष कुमार के साथ षाहपुर के राजद विधायक मंटु तिवारी भी पहुंचे। विधायक की पहल पर ही लोगों का गुस्सा पूरी तरह षांत हो सका। इस अवसर पर विधायक व अफसरों द्वारा आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार करने व उचित मुआवजा देने का आष्वासन दिया। जानकारी के अनुसार आक्रोषित लोगों में करनामेपुर ओपी के तत्कालीन ओपी इंचार्ज के प्रति गुस्सा था। हत्या के बाद तत्कालीन ओपी इंचार्ज के आने के बाद ही पूरा बिगड़ गया। बताया जाता है कि हष्कर के चचेरे भाई राजेंद्र प्रसाद की भी पूर्व में हत्या कर दी गयी थी। तत्कालीन ओपी इंचार्ज की मिलीभगत से उस मामले के एक आरोपित का नाम केस से हटा दिया गया था। अन्य आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था। इस बीच हष्कर की भी हत्या कर दी गयी। इससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा और भीड़ पुलिस पर टूट पड़ी।

यह भी पढ़े  न्‍यूज एंकर ने की आत्‍महत्‍या, सुसाइड नोट में लिखा- 'मेरा दिमाग ही मेरा दुश्‍मन'

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here